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भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं। आज के दिन ही साल 1950 में देश में संविधान लागू हुआ था। गणतंत्र दिवस
हमें हमारे वीरों और उनके संघर्ष की याद दिलाता है। यह राष्ट्रीय गौरव का दिन है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन होता है।
राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं। राष्ट्रगान और ध्वजारोहण के साथ उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे
महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं। राजपथ पर निकलने वाली झांकियों में भारत की
विविधता में एकता की झलक दिखती है। परेड में भारत की तीनों सेना- नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी शामिल होती हैं और सेना की ताकत
दिखती है।
गणतंत्र दिवस से जुड़ी रोचक जानकारी
26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था।
संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया। इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में
शपथ ली थी। इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर
राष्ट्रपति भवन से निकले थे।
यह संविधान ही है जो भारत के सभी जाति और वर्ग
के लोगों को एक दूसरे जोड़े रखता है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित
संविधान है। 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में यह तैयार हुआ था। जय हिंद। संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस के अधिवेशन में भारत को
पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी।
तिरंगे से जुड़ी रोचक जानकारी
तिरंगे को 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया। इसके बाद भारतीय गणतंत्र ने इसे अपनाया। तिरंगे की चौड़ाई का अनुपात इसकी लंबाई के साथ 2 और 3 का है। सफेद पट्टी के मध्य में गहरे नीले रंग का एक चक्र है। यह चक्र अशोक की राजधानी के सारनाथ के शेर के स्तंभ पर बना हुआ है। भारत के संविधान को बनाने में दो साल और 11 महीने लगे। 1955 में गणतंत्र दिवस पर पहली परेड आयोजित की गई थी।
